Sad Status in Hindi No1 2017

⧬खुश नसीब होते हैं बादल,
जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं,
और एक बदनसीब हम हैं,
जो एक ही दुनिया में रहकर भी⬌⬌⬌मिलने को तरसते हैं.

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दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे!
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⧭हम रूठे तो किसके भरोसे,
कौन आएगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है, तरस आ भी जाए आपको..
पर दिल कहाँ⬳⬋⬳ से लाये.. आप से रूठ जाने के लिए!


⧬जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा,
⧭जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा,
⧬बिना संघर्ष के इन्सान चमक नही सकता, यारों
⬉जो जलेगा, उसी दिये में तो उजाला होगा…।
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⬉⬉Zindagi me kuch gum jaruri h
Warna khuda ko kon yaad krta

Milta naseeb chahne se to
Khuda se fariyad kon karta

Hota sukun hr nigah me to
⬉⬉khuda ka diddar kon karta

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ये गंदगी तो महल वालो ने फैलाई है “साहिब”
वरना गरीब तो सङको से थैलीयाँ तक उठा लेते है !
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⬉⬉Chadte huye suraj ko dhalte dekha
Bhujte huye diye ko jalte dekha

Heere ka jaha koi moul nahi paya
Waha khote sikke ko chalte dekha

Jinka ess duniya me koi nahi hota
Unko bhi hr mushkil se ladte dekha

Khuda ki rehmat barsti hai sab par
⧭⧭⧭Uske bando ko pani par chalte dekha
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ज़िन्दगी में कुछ गम जरुरी है
वर्ना खुदा को कौन याद करता

मिलता नसीब चाहने से तो
खुदा से फरियाद कौन करता

होता सुकून हर निगाह में तो
खुदा का दीदार कौन करता
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Nazro me sokhiya or dil viraan liye firta h
Aaj ka insan khud me hi tufaan liye firta h

Zara si khushi kya mili k kayamat hi ho jaye
Waqt, bewaqt jazbaato ko sath liye firta h

Jeene ka salika abhi thik se aaya bhi nahi
K aaj ka insan khuda ki kaynaat liye firta h

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⧭⧭मैने बहुत से ईन्सान देखे हैं, जिनके बदन पर लिबास नही होता,
और बहुत से लिबास देखे हैं, जिनके अंदर ईन्सान नही होता।
कोई हालात नहीं समझता, कोई जज़्बात नहीं समझता,
ये तो बस अपनी अपनी समझ की बात है…,
⧭⧭कोई कोरा कागज़ भी पढ़ लेता है तो कोई पूरी किताब नहीं समझता!
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⬉⬉इस उम्मीद से मत फिसलो,
कि तुम्हें कोई उठा लेगा !!

सोच कर मत डूबो दरिया में,
कि तुम्हें कोई बचा लेगा⧭⧭⧭⧭

ये दुनिया तो एक अड्डा है,
तमाशबीनों का दोस्तों⬉⬉

गर देखा तुम्हें मुसीबत में तो
यहां हर कोई मज़ा लेगा…!!!
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⧬⧬न किसी का फेंका हुआ मिले,
⧭⧭न किसी से छिना हुआ मिले,
⧭⧭मुझे बस मेरे नसीब में, लिखा हुआ मिले,
⧭⧭ना मिला ये भी, तो कोई गम नहीं,
⧭⧭मुझे बस मेरी ⬊⬊मेहनत का, किया हुआ मिले.
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🔀🔀हाथ में उसको कलम का आना अच्छा लगता है🔚
🔁🔀🔁उसको भी स्कूल को जाना अच्छा लगता है
🔀🔀बड़ा कर दिया मजबूरी ने वक्त से पहले वरना
🔀🔀सर पर किसको बोझ उठाना अच्छा लगता है 

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